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Acharya Mrityunjay Mishra


ASTROLOGICAL SERVICES - (ज्योतिषीय सेवायें):-
!! श्री गणेशाय नमः !!

आचार्यजी ज्योतिषशास्त्र के मूर्धन्य विद्वानों में एक है। इन्होंने परम्परागत शिष्य-गुरू परिपाटी के द्वारा इस विद्या का अध्ययन किया है। प्रारंभ में विज्ञान का अध्ययन ही इन्हें इस विद्या की ओर आकृष्ट किया। ये वर्तमान में ज्योतिषशास्त्र से आचार्य एवं निरन्तर शोधरत हैं हमारे आचार्यजी के द्वारा निम्न ज्योतिषीय सेवाए दी जाती है।

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Our Sewaye

Jyotish (Astrology)

Kundli Adhyan or Milan, Kundli Maching or Making, Vivah, Santan, job, Education.

Adhyatam (Pravachan)

Shrimad bhagwat katha, Shri manas katha, Ved shastra Adhyatam (Pravachan).

Jyotish Adhyatma Kendra

Acharya Mrityunjay Mishra

!! श्री गणेशाय नमः !!
सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे !
तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: !!


आचार्यजी ज्योतिषशास्त्र के मूर्धन्य विद्वानों में एक है। इन्होंने परम्पराग शिष्य-गुरू परिपाटी के द्वारा इस विद्या का अध्ययन किया है। प्रारंभ में विज्ञान का अध्ययन ही इन्हें इस विद्या की ओर आकृष्ट किया। ये वर्तमान में ज्योतिषशास्त्र से आचार्य एवं निरन्तर शोधरत हैं हमारे आचार्यजी के द्वारा निम्न ज्योतिषीय सेवाए दी जाती है।


image description(1) जम्नकुण्डली निर्माण:- प्रतिवर्ष के अनुसार जातककी कुण्डली का सम्पूर्ण एवं सम्यक् विवेचन करके फलादेश किया जाता है।
(2) मेलायक गणना विचार:- लड़का-पक्ष एवं लड़की-पक्ष की जन्मकुण्डलियों का सूक्ष्म गहन विवेचन करके निर्णय किया जाता है।
(3) कैरियर विवेचन:- जातक/जातिका का कैरियर किस क्षेत्र में बनाना चाहिए, इसका निर्धारण किया जाता है।
(4) स्वास्थ्य-विचार:- जातक/जातिका अपने आप को किस प्रकार स्वस्थ्य रख सकते है, इसका निरूपण किया जाता है।
(5) आजीविका विचार:- नौकरी (प्राईवेट/सरकार), व्यापार तथा निजी धंधे में क्या करें इसका निर्धारण ।
(6) विवाह-विचार:- विवाह कब/किस दिशा में होगा? जीवन-साथी के साथ तारतम्य तथा वैवाहिक सुख का शुक्ष्म विवेचन किया जाता है।
(7) अरिष्ट निर्धारण:- शरीर पर कब चोट-चपेट लगेगा ? जातक के जीवन के सभी Accidents/Operation का समय निर्धारित करना/आयु गणना करना।
(8) सम्पत्ति/मकान/भूमि निर्णय:- जातक का मकान कब होगा? इसका निर्णय/वाहन तथा भूमि के खरीद का योग।
(9) विदेश यात्रा एवं विदेश में स्थिति:- कुण्डली द्वारा जातक के विदेश में जाने के समय का निर्धारण तथा वहा श्रवइ का सूक्ष्म विचार ।
(10) सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति:- जातक अपने समाज मंे किस हद तक सफल होंगे? आर्थिक स्थिति क्या होगी?
(11) संतान-सुख विचार:- जातक के संतान कब तथा किस स्वभाव के होंगे इसका पूर्ण विचार।
(12) बैंक की स्थिति का आय:- जातक अपनी आय के द्वारा किस हद तक समृद्ध बनेंगे? धन रहेगा या नही?
(13) रोग/शत्रु प्रभाव विचार:- जातक का कौन सा ढंग रोगग्रस्त हो सकता है? रोग का समय/शत्रु का प्रभाव, मुकदमा, हार या जीत आदि का विचार।